बारिश पर कलेक्टर सख्त: जर्जर स्कूल-आंगनबाड़ी भवनों में संचालन पर रोक, शिकायत मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई
आपदा से निपटने अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश, श्रमिकों की ई-केवाईसी अनिवार्य, ई-अटेंडेंस नहीं लगाने वालों पर भी नजर

जांजगीर-चांपा। जिले में लगातार हो रही बारिश और संभावित आपदा की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने प्रशासनिक अमले को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी मुख्यालय में रहकर पूरी सक्रियता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। किसी भी प्रकार की शिकायत या आपदा की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में कलेक्टर ने सबसे पहले बारिश से प्रभावित क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्वयं फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने फसल क्षति, मकान क्षति, पशुहानि और आरबी 6-4 के प्रकरणों की जानकारी लेते हुए पात्र हितग्राहियों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जर्जर भवनों में स्कूल और आंगनबाड़ी संचालन पर पूरी तरह रोक
बैठक में कलेक्टर ने शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा नगरीय निकायों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बारिश का पानी भर गया है, वहां किसी भी स्थिति में बच्चों का संचालन नहीं किया जाए। ऐसे भवनों से तत्काल पानी निकाला जाए और सुरक्षित वातावरण बनने के बाद ही गतिविधियां शुरू की जाएं।
उन्होंने दो टूक कहा कि किसी भी जर्जर भवन में स्कूल या आंगनबाड़ी का संचालन नहीं होगा। यदि स्कूल अथवा आंगनबाड़ी भवनों में सीपेज, निर्माण की गुणवत्ता या मरम्मत को लेकर शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित अधिकारी और जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अध्ययन प्रभावित न हो, अतिरिक्त कक्षाएं चलाएं
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि यदि बारिश के कारण स्कूलों का संचालन प्रभावित होता है तो विद्यार्थियों की पढ़ाई की भरपाई के लिए अतिरिक्त कक्षाओं का आयोजन किया जाए, ताकि निर्धारित समय में पाठ्यक्रम पूरा कराया जा सके।
राहत शिविरों में हर सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश
कलेक्टर ने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जहां भी राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, वहां राशन, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
जलभराव, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस
बैठक में नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरों में जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत करने और नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए गए। वहीं विद्युत विभाग को बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायतों का तत्काल निराकरण करने तथा स्वास्थ्य विभाग को मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए दवाइयों और स्वास्थ्य टीमों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
ई-अटेंडेंस अनिवार्य, श्रमिकों की ई-केवाईसी अभियान में तेजी लाएं
कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिदिन समय पर कार्यालय पहुंचकर अनिवार्य रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचाने के लिए श्रमिकों की ई-केवाईसी हर हाल में पूरी कराई जाए।
इन अभियानों की भी हुई समीक्षा
बैठक में ‘एक पेड़ मां के नाम’ वृक्षारोपण अभियान, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने और नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार पोयाम, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, आर.के. तम्बोली, स्निग्धा तिवारी, संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।





