बड़ी कार्रवाई: नैला के राजेश खाद भंडार की 1013 बोरी खाद पर विक्रय प्रतिबंध, कृषि विभाग का छापा
निरीक्षण में पाया गया कि पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और गोदाम में उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का मिलान नहीं हो रहा था। इसके अलावा दुकान पर मूल्य सूची, लाइसेंस और निर्धारित मूल्य बोर्ड प्रदर्शित नहीं थे। वहीं सत्यापित स्टॉक रजिस्टर और उर्वरक विक्रय के लिए सत्यापित बिल बुक भी उपलब्ध नहीं मिली।

जांजगीर-चांपा। खरीफ सीजन के बीच कृषि विभाग ने उर्वरक कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मेसर्स राजेश खाद भंडार, नैला के गोदाम में रखी 1013 बोरी उर्वरक के विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है।
शनिवार को उप संचालक कृषि राकेश शर्मा के नेतृत्व में विकासखंड स्तरीय संयुक्त निरीक्षण दल ने खाद भंडार के गोदाम और विक्रय प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण में पाया गया कि पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और गोदाम में उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का मिलान नहीं हो रहा था। इसके अलावा दुकान पर मूल्य सूची, लाइसेंस और निर्धारित मूल्य बोर्ड प्रदर्शित नहीं थे। वहीं सत्यापित स्टॉक रजिस्टर और उर्वरक विक्रय के लिए सत्यापित बिल बुक भी उपलब्ध नहीं मिली।
इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए विभाग ने गोदाम में रखे कुल 1013 बोरी उर्वरक पर विक्रय प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें सील कर दिया। प्रतिबंधित उर्वरकों में—
- सिंगल सुपर फास्फेट (दानेदार) – 250 बोरी
- सिंगल सुपर फास्फेट (पाउडर) – 600 बोरी
- ट्रिपल सुपर फास्फेट – 26 बोरी
- एनपीके – 120 बोरी
- यूरिया – 17 बोरी
शामिल हैं।
कृषि विभाग की इस कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि खरीफ सीजन में किसानों के हितों की रक्षा के लिए ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





