Breaking News: अब हर किसी को नहीं मिलेगा प्रधानमंत्री आवास, 12 कसौटियों पर होगी पात्रता की सख्त जांच
24 जून की ग्राम सभाओं में होगा परिवारों का सत्यापन, केवल वास्तविक आवासहीन और जरूरतमंदों को ही मिलेगी योजना का लाभ

राजेंद्र राठौर@जांजगीर-चांपा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का घर पाने की उम्मीद लगाए हजारों ग्रामीण परिवारों के लिए 24 जून की ग्राम सभा बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाली है। इस दिन गांव-गांव में पात्र हितग्राहियों की सूची तय करने के लिए विशेष सत्यापन किया जाएगा, जिसमें 12 निर्धारित मापदंडों पर परिवारों की जांच होगी। इन कसौटियों में खरे उतरने वाले वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल सकेगा।
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य प्रत्येक गरीब और आवासविहीन परिवार को सुरक्षित एवं पक्का आवास उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य को पारदर्शी ढंग से पूरा करने के लिए आवास प्लस 2024 सर्वे के आधार पर स्थायी प्रतीक्षा सूची (पीडब्ल्यूएल) तैयार की जा रही है। शासन ने स्पष्ट किया है कि सूची में केवल उन्हीं परिवारों को शामिल किया जाएगा जो वास्तव में आवास सहायता के पात्र हैं।
नवीनतम एसओपी के अनुसार ग्राम सभाओं में परिवारों का परीक्षण 12 निष्कासन मापदंडों के आधार पर किया जाएगा। यदि कोई परिवार इन मापदंडों में शामिल पाया जाता है तो उसे योजना की पात्रता सूची से बाहर किया जा सकता है। इसका उद्देश्य उन लोगों को लाभ से अलग करना है जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं और पहले से पर्याप्त संसाधनों के मालिक हैं।
सत्यापन के दौरान पक्के मकान में रहने वाले परिवार, दो या अधिक कमरों वाले घरों के निवासी, मोटर चालित तीन या चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार, यंत्रीकृत कृषि उपकरणों के मालिक, 50 हजार रुपये या उससे अधिक की क्रेडिट सीमा वाले किसान क्रेडिट कार्ड धारक, सरकारी कर्मचारी सदस्य वाले परिवार, गैर-कृषि उद्यम संचालित करने वाले परिवार, प्रतिमाह 15 हजार रुपये से अधिक आय अर्जित करने वाले सदस्य वाले परिवार, आयकरदाता, व्यावसायिक करदाता तथा निर्धारित सीमा से अधिक सिंचित या असिंचित भूमि रखने वाले परिवारों की विशेष जांच की जाएगी।
24 जून को आयोजित ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की उपस्थिति में यह पूरी प्रक्रिया संपन्न होगी। ग्राम सभा द्वारा किए गए सत्यापन के आधार पर स्थायी प्रतीक्षा सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा और निर्धारित समय-सीमा में उसे ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों तक सहायता पहुंचाना है, जिनके पास आज भी सुरक्षित और पक्का घर नहीं है।
इसलिए पात्रता निर्धारण की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और तथ्यात्मक बनाया जा रहा है, ताकि किसी अपात्र व्यक्ति को लाभ न मिले और वास्तविक जरूरतमंदों का हक सुरक्षित रह सके। ग्राम पंचायतों को भारत सरकार द्वारा जारी ‘एसओपी फॉर आवास प्लस 2024 पीडब्ल्यूएल जेनरेशन’ के अनुरूप सभी कार्यवाही समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में 24 जून की ग्राम सभा न केवल पात्रता तय करेगी, बल्कि कई परिवारों के अपने पक्के घर के सपने को भी नई दिशा देगी।





