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अकबर के सामने नहीं झुका था मेवाड़ का शेर, महाराणा प्रताप आज भी हैं स्वाभिमान की मिसाल : राजकुमार साहू

महाराणा प्रताप जयंती पर विकास की सौगात, 3 लाख की लागत से बने छतदार चबूतरे का लोकार्पण

जांजगीर-चांपा। जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत सुकली-पचेड़ा चौक स्थित महाराणा प्रताप चौक में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर जिला पंचायत की 15वें वित्त आयोग योजना के तहत निर्मित छतदार चबूतरे का लोकार्पण जिला पंचायत सभापति राजकुमार साहू द्वारा किया गया। लगभग 3 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस चबूतरे के लोकार्पण अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभापति राजकुमार साहू ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महान योद्धा थे, जो अपनी वीरता, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण के कारण सदैव स्मरण किए जाएंगे। उनका जन्म राजस्थान के कुंभलगढ़ में हुआ था और उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्र एवं स्वाभिमान की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया।

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने मुगल सम्राट अकबर की विशाल सेना के सामने कभी घुटने नहीं टेके और जीवनभर संघर्ष का मार्ग चुना। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने आत्मसम्मान और स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया। उनका जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की अनुपम मिसाल है।

सभापति राजकुमार साहू ने उपस्थित लोगों से आह्वान किया कि वे महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं तथा उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि युवाओं को महाराणा प्रताप के संघर्षमय जीवन से प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान वेदु सिंह, विनय सिंह, रामेश्वर सिंह, बृजेश सिंह, मनीष सिंह, नमन सिंह, वैभव सिंह, सुखनंदन सिंह, सौमित्र सिंह, महावीर सिंह, हिमांशु सिंह, हंसराज सिंह, राकेश सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी एवं समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।

Rajendra Rathore

राजेंद्र राठौर विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनके परिवार में पत्रकारिता का कोई पारंपरिक इतिहास नहीं रहा, फिर भी उन्होंने इस क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की। उन्होंने वर्ष 2001 में दैनिक नवभारत में सर्वेयर के रूप में अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2017 में उन्होंने दैनिक नवीन कदम समाचार पत्र समूह में कार्यभार संभाला और तब से वे आज पर्यंत “स्थानीय संपादक” के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

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