मुख्यमंत्री से मिले राज्य विधिज्ञ परिषद के सदस्य, अधिवक्ताओं की 11 प्रमुख मांगों का सौंपा ज्ञापन
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनके सामाजिक एवं आर्थिक संरक्षण के लिए प्रभावी योजनाओं का क्रियान्वयन आवश्यक है। ज्ञापन में अधिवक्ताओं के कल्याण, सुरक्षा और पेशेवर विकास से जुड़ी कुल 11 मांगें शामिल थीं।

NKD@रायपुर। राज्य विधिज्ञ परिषद छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर अधिवक्ताओं के हितों से जुड़ी 11 प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने अधिवक्ता सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार से संबंधित मांगों पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया।
मुलाकात के दौरान परिषद के सदस्यों ने प्रदेश के अधिवक्ताओं को बेहतर सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताते हुए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके साथ ही अधिवक्ताओं के लिए मृत्यु दावा (डेथ क्लेम) की राशि बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने, मेडिक्लेम योजना के लिए प्रतिवर्ष डेढ़ करोड़ रुपये का प्रावधान करने तथा नवीन अधिवक्ताओं को प्रारंभिक सहयोग स्वरूप 20 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की मांग भी रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनके सामाजिक एवं आर्थिक संरक्षण के लिए प्रभावी योजनाओं का क्रियान्वयन आवश्यक है। ज्ञापन में अधिवक्ताओं के कल्याण, सुरक्षा और पेशेवर विकास से जुड़ी कुल 11 मांगें शामिल थीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए मांगों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की समस्याओं और सुझावों पर सरकार संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी तथा न्यायिक व्यवस्था से जुड़े इस महत्वपूर्ण वर्ग के हितों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस दौरान राज्य विधिज्ञ परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। परिषद के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख का स्वागत करते हुए आशा जताई कि अधिवक्ताओं के हित में शीघ्र ठोस निर्णय लिए जाएंगे।
प्रमुख मांगें
👉 एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए।
👉 अधिवक्ताओं के डेथ क्लेम की राशि 5 लाख रुपये की जाए।
👉 अधिवक्ताओं के लिए मेडिक्लेम मद में प्रतिवर्ष 1.5 करोड़ रुपये का प्रावधान हो।
👉 नए अधिवक्ताओं को 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाए।
👉 अधिवक्ता कल्याण से संबंधित अन्य लंबित मांगों का निराकरण किया जाए।
राज्य विधिज्ञ परिषद का कहना है कि इन मांगों के पूरा होने से प्रदेश के हजारों अधिवक्ताओं को सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक संबल मिलेगा।






