जैजैपुर में पीएम आवास को लेकर बवाल, 180 हितग्राहियों का भुगतान अटका, सांसद से लगाई गुहार, जांच में पात्र पाए जाने का किया दावा, नपं के पूर्व अध्यक्ष सोनसाय देवांगन की शिकायत पर उठाए सवाल
हितग्राहियों का आरोप है कि नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सोनसाय देवांगन की शिकायत के कारण उन्हें योजना के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर नगर में नाराजगी बढ़ गई है। पीड़ित हितग्राहियों और जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद कमलेश जांगड़े से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की है।

शहजाद खान@जैजैपुर। नगर पंचायत जैजैपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। योजना के तहत लाभ पाने वाले 180 हितग्राहियों के आवास की राशि और भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होने का मामला सामने आया है। हितग्राहियों का आरोप है कि नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सोनसाय देवांगन की शिकायत के कारण उन्हें योजना के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है। इस मामले को लेकर नगर में नाराजगी बढ़ गई है। पीड़ित हितग्राहियों और जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद कमलेश जांगड़े से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सोनसाय देवांगन ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर रहे 180 हितग्राहियों की पात्रता पर सवाल उठाते हुए शिकायत की थी। शिकायत के बाद इन हितग्राहियों के आवास से संबंधित प्रक्रिया और भुगतान प्रभावित होने की बात कही जा रही है। इससे उन गरीब परिवारों की परेशानी बढ़ गई है, जो अपने पक्के मकान का सपना पूरा करने के लिए योजना पर निर्भर हैं। इस मामले को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष बलराम चंद्रा, वरिष्ठ नेता दीपचंद अग्रवाल, भाजपा पार्षद नरेंद्र प्रजापति, भाजपा पार्षद राजकुमार यादव, कांग्रेस पार्षद अमृत लाल चंद्रा, वरिष्ठ भाजपा नेता गणेश राम साहू सहित 180 प्रभावित हितग्राहियों और अन्य गणमान्य नागरिकों का प्रतिनिधिमंडल लोकसभा सांसद कमलेश जांगड़े के गृह ग्राम मसनिया कला पहुंचा।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शिकायत के कारण पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के आवास से जुड़ी समस्या का जल्द निराकरण किया जाना चाहिए, ताकि योजना के उद्देश्य के अनुरूप जरूरतमंदों को राहत मिल सके। प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद सांसद कमलेश जांगड़े ने संबंधित उच्चाधिकारियों से फोन पर चर्चा की। उन्होंने प्रभावित हितग्राहियों को हरसंभव आवास योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। अब हितग्राहियों को प्रशासनिक स्तर पर मामले के निराकरण और लंबित भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

जांच में पात्र पाए जाने का किया गया दावा
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल जांच प्रक्रिया और उसके बाद की कार्रवाई को लेकर उठ रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के विरुद्ध की गई शिकायत के बाद जांच दल गठित किया गया था। बताया गया है कि 9 अगस्त 2026 को पूर्व अध्यक्ष द्वारा चिन्हित हितग्राहियों के आवास और संबंधित परिस्थितियों का मौके पर निरीक्षण किया गया। हितग्राहियों की ओर से बताया गया है कि जांच में सभी संबंधित हितग्राही पात्र पाए गए थे और जांच से जुड़ा प्रतिवेदन एमआईएस के माध्यम से भी भेज दिया गया था। इसके बावजूद नगर पंचायत को प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। हितग्राहियों का कहना है कि कुछ परिवारों के मकान का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन बिल की राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ है। ऐसे में जिन परिवारों ने आवास निर्माण के लिए अपनी जमा पूंजी खर्च की या उधार लेकर काम पूरा कराया, उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पूर्व नपं अध्यक्ष की भूमिका पर उठे सवाल
मामले में नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सोनसाय देवांगन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रभावित पक्ष के कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि उनके कार्यकाल के दौरान कुछ अपात्र लोगों को भी योजना का लाभ दिलाया गया था, जबकि वास्तविक पात्रता रखने वाले हितग्राहियों के विरुद्ध शिकायत की गई। ऐसे में यह आवश्यक है कि पूर्व कार्यकाल में स्वीकृत आवासों और वर्तमान में शिकायत के दायरे में आए हितग्राहियों के मामलों की नियमों के अनुरूप निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, पूर्व अध्यक्ष सोनसाय देवांगन का पक्ष भी सामने आना चाहिए, ताकि मामले के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।

अवैध वसूली के आरोप से मामला और गंभीर
इस विवाद के बीच हर्षवर्धन परासर पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, नगरवासियों की ओर से आरोप लगाया गया है कि उन्होंने 8 से 10 हितग्राहियों से 20-20 हजार रुपए की वसूली की और मामले को संभालने की बात कही। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह जांच का गंभीर विषय होगा। फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित व्यक्ति का पक्ष सामने आया है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता स्पष्ट करना जरूरी है।

प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की उठी मांग
प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। ऐसे में पात्रता की जांच, शिकायतों का निराकरण और स्वीकृत राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यदि जांच में हितग्राही पात्र पाए गए हैं, तो उनके भुगतान में देरी के कारणों को स्पष्ट कर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई की जानी चाहिए। नगरवासियों और प्रभावित हितग्राहियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, शिकायत और जांच प्रतिवेदन की स्थिति सार्वजनिक करने, अवैध वसूली के आरोपों की जांच करने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, 180 हितग्राहियों को नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने और लंबित भुगतान का निराकरण करने की अपील की गई है।




