नकली सोने का खेल, असली शातिरों का जाल… लेकिन पुलिस ने बिछाया ऐसा ‘चक्रव्यूह’ कि चंद घंटों में खुल गया राज
40 हजार की ठगी कर बलेनो से भागे दो ठग बलौदा बाजार में दबोचे गए, बेनटेक्स मंगलसूत्र से ज्वेलर्स को बनाया था निशाना

जांजगीर-पामगढ़। पामगढ़ शहर की एक ज्वेलरी दुकान में सब कुछ सामान्य चल रहा था, तभी सफेद रंग की एक बलेनो कार दुकान के सामने आकर रुकी। कार से उतरे दो युवक बेहद आत्मविश्वास से अंदर पहुंचे। चेहरे पर घबराहट नहीं, बातचीत में अपनापन और हाथ में ऐसा मंगलसूत्र जिसे देखकर किसी को भी सोना होने का भ्रम हो जाए।
लेकिन यह पूरी कहानी एक सुनियोजित ठगी का हिस्सा थी। दुकानदार को क्या पता था कि कुछ ही मिनटों में उसके सामने ऐसा खेल खेला जाएगा, जिसका पर्दाफाश होने तक शातिर ठग काफी दूर निकल चुके होंगे।
नकली बिल, असली अभिनय… और ठगी की पूरी पटकथा
दोनों युवकों ने खुद को जरूरतमंद बताते हुए कहा कि उन्हें तत्काल 50 हजार रुपये चाहिए और इसके बदले वे अपना सोने का मंगलसूत्र गिरवी रखना चाहते हैं।
जब दुकानदार हिमांशु सोनी ने खरीद का बिल मांगा तो एक युवक ने बिना झिझक अपना नाम “अमित तिवारी” बताते हुए एक बिल सामने रख दिया। बिल देखने और मंगलसूत्र की बाहरी चमक से दुकानदार को विश्वास हो गया कि जेवर असली सोने का है। सौदा तय हुआ और 40 हजार रुपये नकद दोनों युवकों को दे दिए गए।
रुपये हाथ में आते ही दोनों उसी बलेनो कार में बैठकर तेज रफ्तार से निकल गए।
जब खुला मंगलसूत्र का राज… उड़ गए होश
कुछ देर बाद दुकानदार ने मंगलसूत्र की बारीकी से जांच की तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। जिसे वह सोना समझकर गिरवी रख चुका था, वह असल में बेनटेक्स का नकली मंगलसूत्र निकला।
अब साफ हो चुका था कि यह कोई साधारण लेन-देन नहीं बल्कि पहले से रची गई ठगी की साजिश थी।
पुलिस ने भी शुरू कर दिया ‘ऑपरेशन बलेनो’
शिकायत मिलते ही पामगढ़ थाना हरकत में आ गया। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप तथा एसडीओपी प्रदीप सोरी के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था—आखिर वे कौन थे और कहां भागे?
सीसीटीवी फुटेज, वाहन की जानकारी और साइबर सेल से मिले तकनीकी सुरागों को जोड़ते हुए पुलिस ने संदिग्ध बलेनो कार का पीछा शुरू किया। सुराग एक-एक कर जुड़ते गए और कुछ ही घंटों में पुलिस की जांच बलौदा बाजार तक पहुंच गई।
बलौदा बाजार में बिछा जाल… और खत्म हुआ खेल
जैसे ही आरोपियों की लोकेशन मिली, पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। पूछताछ शुरू हुई तो पहले तो वे पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करते रहे, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के दबाव के आगे आखिरकार दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने उनके कब्जे से ठगी के 40 हजार रुपये नगद, घटना में प्रयुक्त बलेनो कार (CG 04 QY 6279) तथा अन्य साक्ष्य जब्त कर लिए।
दोनों आरोपी जेल रवाना
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान—
- अमन सोनी (22 वर्ष) निवासी वार्ड क्रमांक 09, बलौदा बाजार।
- अमित सोनी (42 वर्ष) निवासी वैष्णव कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 21, बलौदा बाजार।
दोनों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
क्या किसी बड़े गिरोह से जुड़े हैं आरोपी?
पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या दोनों आरोपी इसी तरह नकली जेवरों के सहारे अन्य जिलों में भी वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। उनके आपराधिक रिकॉर्ड और संभावित नेटवर्क की पड़ताल जारी है। यदि जांच में अन्य मामलों का खुलासा होता है तो इस ठगी के पीछे एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश भी हो सकता है।
फिलहाल पामगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि शातिर अपराधी चाहे जितनी चालाकी से जाल बुनें, तकनीकी जांच और सटीक रणनीति के आगे उनका बच निकलना आसान नहीं है।






