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JANJGIR-CHAMPA: गड्ढापुर की सड़क बनी ग्रामीणों के सब्र की परीक्षा, अब भूख हड़ताल से प्रशासन को जगाने की तैयारी

एक दशक से जर्जर सड़क पर हादसों का सिलसिला जारी, 29 जून से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

जांजगीर-पामगढ़। जांजगीर-चांपा जिले के बहुचर्चित “गड्ढापुर” की पहचान बन चुकी डोंगाकोहरौद-भिलौनी सड़क एक बार फिर सुर्खियों में है। बरसात से पहले सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। वर्षों से जर्जर सड़क और प्रशासनिक आश्वासनों से तंग आ चुके ग्रामीणों ने 29 जून से भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।

राजधानी रायपुर को जांजगीर जिले से जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर डोंगाकोहरौद और भिलौनी के बीच करीब पांच किलोमीटर का हिस्सा लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दस वर्षों में इस मार्ग पर अनगिनत दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें स्कूली बच्चे, किसान और आम यात्री घायल हो चुके हैं।

ग्रामीणों के अनुसार हर वर्ष बारिश से पहले सड़क निर्माण की मांग उठती है। आंदोलन की चेतावनी मिलते ही प्रशासन अस्थायी मरम्मत और जल्द निर्माण का आश्वासन देकर मामला शांत करा देता है, लेकिन कुछ ही दिनों में भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क फिर पुराने हालात में पहुंच जाती है। यही वजह है कि अब ग्रामीण आश्वासनों के बजाय स्थायी समाधान चाहते हैं।

ग्रामीणों ने पामगढ़ एसडीएम और पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट कर दिया है कि यदि शीघ्र सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो 29 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की जाएगी। उनका कहना है कि सड़क की बदहाली केवल आवागमन की समस्या नहीं, बल्कि जनसुरक्षा का गंभीर मुद्दा बन चुकी है। धूल और कीचड़ से लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, जबकि एंबुलेंस और स्कूली वाहनों को भी रोजाना जोखिम उठाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि अनेक शिकायतों और आंदोलनों के बावजूद प्रशासन ने केवल खानापूर्ति की है। अब वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और किसी प्रकार की सार्वजनिक व्यवस्था बाधित नहीं की जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार भी प्रशासन आश्वासनों का सहारा लेकर आंदोलन टालने की कोशिश करेगा, या फिर वर्षों से “गड्ढापुर” के नाम से बदनाम इस सड़क को स्थायी रूप से दुरुस्त कराने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।

Rajendra Rathore

राजेंद्र राठौर विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनके परिवार में पत्रकारिता का कोई पारंपरिक इतिहास नहीं रहा, फिर भी उन्होंने इस क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की। उन्होंने वर्ष 2001 में दैनिक नवभारत में सर्वेयर के रूप में अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2017 में उन्होंने दैनिक नवीन कदम समाचार पत्र समूह में कार्यभार संभाला और तब से वे आज पर्यंत “स्थानीय संपादक” के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

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