घर को ठंडा करने वाला AC बना मौत का कारण: कंप्रेसर ब्लास्ट में गई पिता की जान, बेटा गंभीर
रायगढ़ की ITI कॉलोनी में दर्दनाक हादसा, तेज धमाके से दहला इलाका; AC सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल

रायगढ़। शहर की ITI कॉलोनी में बुधवार को एक ऐसा हादसा हुआ जिसने हर घर में लगे एयर कंडीशनर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भीषण गर्मी से राहत देने वाला AC अचानक मौत का कारण बन गया। घर में लगे एयर कंडीशनर के कंप्रेसर में हुए जोरदार विस्फोट में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान पुरुषोत्तम पटेल के रूप में हुई है। वहीं उनका पुत्र राजवीर पटेल गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उपचाररत है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के समय अचानक ऐसा धमाका हुआ कि लोगों को लगा किसी घर में गैस सिलेंडर फट गया है। धमाके की आवाज दूर तक सुनाई दी और आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। जब लोग मौके पर पहुंचे तो घर के भीतर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था।
बताया जा रहा है कि विस्फोट की चपेट में आने से पुरुषोत्तम पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों और पड़ोसियों ने उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं घायल राजवीर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में कंप्रेसर में अत्यधिक दबाव बनने अथवा तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि AC की नियमित सर्विसिंग नहीं होने, घटिया पार्ट्स के उपयोग, गैस प्रेशर में गड़बड़ी अथवा तकनीकी खामी के कारण ऐसे हादसे हो सकते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ वर्षों में AC और कंप्रेसर ब्लास्ट की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या लोग अपने घरों में लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर पर्याप्त सतर्क हैं? एक पल में हुए इस हादसे ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया और पूरे मोहल्ले को सदमे में डाल दिया।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं तकनीकी विशेषज्ञ विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।




