पामगढ़ जनचौपाल विवाद पर सियासत तेज : कांग्रेस ने लगाया लोकतंत्र कुचलने का आरोप, भाजपा ने कहा- सुशासन तिहार की लोकप्रियता से घबराया विपक्ष
महिला विधायक को रोकने पर कांग्रेस का हमला, भाजपा बोली- जनता के बीच बढ़ती सरकार की स्वीकार्यता विपक्ष को नहीं पच रही

राजेंद्र राठौर @ जांजगीर-चांपा। पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कोसला में आयोजित मुख्यमंत्री के जनचौपाल कार्यक्रम को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस ने पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश को जनचौपाल में जाने से रोकने का आरोप लगाते हुए प्रशासन और सरकार पर लोकतंत्र का अपमान करने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर भाजपा ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा है कि सुशासन तिहार की बढ़ती लोकप्रियता से विपक्ष घबराया हुआ है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि एक महिला विधायक को जनता के बीच जाने से रोकना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जनचौपाल जैसे सार्वजनिक कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि को प्रवेश से क्यों रोका गया? कांग्रेस ने कलेक्टर और एसपी पर कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि सरकार आलोचना से डर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है। पार्टी के अनुसार जनचौपाल जनता की समस्याएं सुनने का मंच होना चाहिए, लेकिन विपक्षी जनप्रतिनिधियों को रोकना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भाजपा जिला प्रवक्ता विकास शर्मा ने बयान जारी कर कहा कि प्रदेशभर में चल रहे “सुशासन तिहार” को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं।
भाजपा के अनुसार मंत्री, सांसद और प्रशासनिक अधिकारी आम लोगों की समस्याओं का मौके पर निराकरण कर रहे हैं, जिससे जनता में सरकार के प्रति भरोसा बढ़ा है। पार्टी का कहना है कि वर्षों बाद लोगों को महसूस हो रहा है कि शासन-प्रशासन खुद उनके द्वार तक पहुंचा है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि सरकार की बढ़ती स्वीकार्यता और सुशासन तिहार को मिल रही लोकप्रियता से विपक्ष असहज हो गया है और इसी कारण जनचौपाल जैसे कार्यक्रमों को विवादों में घसीटने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। स्थानीय स्तर पर भी यह चर्चा है कि जनता अब आरोप-प्रत्यारोप नहीं बल्कि विकास, समाधान और सीधा संवाद चाहती है।
फिलहाल पामगढ़ जनचौपाल का यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है, जहां कांग्रेस इसे लोकतंत्र और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों से जोड़ रही है, वहीं भाजपा इसे सुशासन तिहार की सफलता से उपजी विपक्ष की राजनीतिक बेचैनी बता रही है।





