शादी का रिश्ता लेकर आती थी मीठी आवाज… हेडफोन उतरते ही खुल जाता था राज, दो शातिर साइबर ठग गिरफ्तार
आवाज बदलने वाले डिवाइस और हेडफोन के सहारे लड़की बनकर बातचीत करने वाले दो आरोपियों के साइबर ठगी के खेल का साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने लक्ष्मीनारायण उर्फ लाला साहू और उसके साथी सोनू साहू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, हेडफोन, व्हाट्सऐप चैटिंग और ‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के पंपलेट बरामद किए गए हैं।

जांजगीर-चांपा। फोन की घंटी बजती थी… दूसरी तरफ से एक लड़की की आवाज आती थी। बातचीत में अपनापन, शादी की बातें और रिश्ते का भरोसा। सामने वाला समझता था कि शायद उसकी जिंदगी में अब शादी का रिश्ता आने वाला है। लेकिन उसे क्या पता था कि फोन के उस पार कोई लड़की नहीं, बल्कि हेडफोन लगाए बैठा एक शातिर ठग था!
आवाज बदलने वाले डिवाइस और हेडफोन के सहारे लड़की बनकर बातचीत करने वाले दो आरोपियों के साइबर ठगी के खेल का साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने लक्ष्मीनारायण उर्फ लाला साहू और उसके साथी सोनू साहू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, हेडफोन, व्हाट्सऐप चैटिंग और ‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के पंपलेट बरामद किए गए हैं।
एक आवाज… और भरोसे का जाल
पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई है, वह किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। आरोपियों ने वर्ष 2025 से शादी और रिश्ता कराने के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाना शुरू किया।
फोन पर लड़की की आवाज में बातचीत होती। सामने वाले को विश्वास दिलाया जाता कि शादी के लिए रिश्ता उपलब्ध है। बातचीत आगे बढ़ती तो भरोसा भी बढ़ता गया। इसके बाद अलग-अलग बहानों से रकम मांगी जाती। रकम खाते में आते ही फोन और संपर्क दोनों बंद!
यानी पहले आवाज से भरोसा, फिर रिश्ते का सपना और आखिर में बैंक खाते से पैसा गायब।
कहानी का सबसे अजीब मोड़—ठगी की रकम पहुंची एक अनजान आदमी के खाते में
मामला तब खुला जब अजय राठौर के बैंक खाते में 2 हजार रुपये आए। एक व्यक्ति ने अस्पताल जाने की बात कहकर तत्काल नगदी मांगी थी और फोन-पे से रकम भेजकर बदले में नकद ले लिया था।
कुछ दिन बाद अजय के खाते पर बैंक ने होल्ड लगा दिया। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि खाते में आई रकम साइबर ठगी से जुड़ी थी।
यहीं से पुलिस की जांच ने उस आवाज का पीछा शुरू किया, जिसके पीछे असली चेहरा छिपा था।
तकनीकी जांच में मोबाइल नंबर और बैंक खातों की कड़ियां जोड़ते-जोड़ते पुलिस लक्ष्मीनारायण उर्फ लाला साहू और सोनू साहू तक पहुंची।
हेडफोन ने खोला ‘लड़की’ का राज
पूछताछ और तलाशी में पुलिस को दो मोबाइल फोन और हेडफोन मिले। पुलिस के अनुसार इसी तरह के उपकरणों की मदद से आरोपी लड़की की आवाज निकालकर लोगों से बातचीत करते थे।
मोबाइल में मिली व्हाट्सऐप चैटिंग ने भी पुलिस को कई अहम सुराग दिए। इसके अलावा ‘पवित्र रिश्ता डॉट कॉम’ के पंपलेट भी बरामद हुए।
यानी पूरा खेल केवल फोन कॉल तक सीमित नहीं था—रिश्ता कराने वाली पहचान तैयार की गई थी और उसी पहचान के सहारे लोगों का भरोसा जीता जा रहा था।
सिर्फ एक-दो नहीं… कई जिलों तक फैले तार
जांच आगे बढ़ी तो कहानी जांजगीर-चांपा से निकलकर कवर्धा, रायपुर, बलौदाबाजार, बालोद और महासमुंद तक पहुंच गई।
पुलिस के मुताबिक अलग-अलग लोगों ने शादी के लिए रिश्ता दिलाने के नाम पर ठगी की शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन मामलों की रकम आरोपियों के बैंक खातों से जुड़ती मिली।
कौशल साहू और दीपक कुमार साहू से जुड़ी शिकायतों में भी शादी के नाम पर ठगी की रकम लक्ष्मीनारायण के खाते में पहुंचने की बात सामने आई।
कवर्धा के रमेश साहू से जुड़ा मामला तो और भी दिलचस्प निकला। उनकी रकम पहले आरोपी के भांजे सोनू साहू के खाते में पहुंची और बाद में वही रकम अजय राठौर के खाते में ट्रांसफर हुई।
एक खाते से दूसरे खाते तक घूमती रकम ने साइबर ठगी की पूरी कड़ी को पुलिस के सामने ला दिया।
मोबाइल चैट में छिपे हैं अभी कई राज!
पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम पोर्टल पर अन्य चार शिकायतें भी दर्ज हैं। वहीं मोबाइल चैटिंग की जांच में ऐसे कई लोगों से संपर्क और कथित ठगी के संकेत मिले हैं, जिन्होंने अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
आरोपियों के अन्य बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। ऐसे में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ठगी की रकम और पीड़ितों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
अस्पताल के 2 हजार से खुली लाखों की कहानी
इस पूरे मामले में सबसे दिलचस्प बात यह है कि साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का सुराग किसी बड़े ट्रांजेक्शन से नहीं, बल्कि महज 2 हजार रुपये के लेनदेन से मिला।
एक व्यक्ति ने अस्पताल जाने की मजबूरी बताई। दूसरे ने भरोसा करके नकद दे दिया। फिर खाते पर होल्ड लगा और बैंक ने बताया कि रकम साइबर ठगी से जुड़ी है।
इसके बाद शुरू हुई बैंक खाते, यूपीआई, मोबाइल नंबर और व्हाट्सऐप चैट की कड़ियां जोड़ने की कवायद—और आखिरकार पुलिस उस ‘लड़की’ तक पहुंच गई, जो असल में लड़की थी ही नहीं।
अब सलाखों के पीछे ‘रिश्ता कराने वाले’
अपराध से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों लक्ष्मीनारायण उर्फ लाला साहू उम्र 26 वर्ष निवासी – ग्राम अमोदा, वार्ड नं. 01, थाना नवागढ़, जिला जांजगीर-चांपा हाल पता –शारदा चौक, रामगोपाल चौरसिया का मकान, जिला जांजगीर-चांपा और सोनू साहू पिता जयराम साहू उम्र 20 साल निवासी बेलदारपारा चांपा, जिला जांजगीर-चांपा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य खातों, मोबाइल चैट और साइबर पोर्टल की शिकायतों की जांच कर रही है।
कहानी का सबसे बड़ा सबक यही है—फोन पर सुनाई देने वाली मीठी आवाज हमेशा वैसी नहीं होती, जैसी वह सुनाई देती है। शादी का रिश्ता हो या ऑनलाइन पहचान, भरोसा करने से पहले जांच जरूरी है।





