62 वर्ष की सेवा पूर्ण कर वरिष्ठ व्याख्याता नेहरू लाल प्रधान सेवानिवृत्त, डाइट जांजगीर में भावभीनी विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित
शाल-श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और भावुक शब्दों के साथ दी गई विदाई, शिक्षकों व छात्राध्यापकों ने बताया कर्तव्यनिष्ठ एवं ज्ञानवान शिक्षक

राजेंद्र राठौर@जांजगीर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) जांजगीर के वरिष्ठ व्याख्याता नेहरू लाल प्रधान के 62 वर्ष की अधिवाषिकी पूर्ण कर सेवानिवृत्त होने के अवसर पर गुरुवार को संस्थान में विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। डाइट की द्वितीय वर्ष की छात्राओं मनीषा, वाणी प्रिया, सुषमा, सोनम एवं अंजलि ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
समारोह को संबोधित करते हुए प्राचार्य बी.पी. साहू ने नेहरू लाल प्रधान के विषय ज्ञान, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें संस्थान के लिए प्रेरणास्रोत बताया। उप प्राचार्य एल.के. पाण्डेय ने उन्हें जीवन विद्या का राज्य स्तरीय प्रशिक्षक बताते हुए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में उनके उल्लेखनीय योगदान की प्रशंसा की।
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित डाइट के पूर्व सहायक प्राध्यापक सुशील कुमार राठौर एवं प्रद्युम्न कुमार शर्मा ने कहा कि प्रधान सर नई शिक्षा नीति-2020 (एनईपी-2020), जीवन विद्या तथा विभिन्न विषयों के गहन जानकार रहे हैं और उनका मार्गदर्शन सदैव शिक्षकों एवं छात्राध्यापकों के लिए प्रेरणादायी रहेगा।
अपने उद्बोधन में नेहरू लाल प्रधान ने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हर परिस्थिति में प्रसन्नचित्त रहकर ईमानदारी से कार्य करना चाहिए। उन्होंने छात्राध्यापकों से सीखने की निरंतर प्रवृत्ति बनाए रखने का आह्वान किया।
इस अवसर पर प्रधान सर के सम्मान में तैयार प्रशस्ति पत्र का वाचन व्याख्याता बी. जायसवाल ने किया। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता संजय कुमार शर्मा ने किया, जबकि कार्यालयीन सहायक ग्रेड-1 लता पकवासा ने कविता के माध्यम से अपने भाव व्यक्त किए।
समारोह में छात्राध्यापक राज साहू, सीमा राठौर, मनीषा और नंदकिशोर सहित सहायक प्राध्यापक जी.के. साहू, के.एम. जायसवाल, व्याख्याता प्रतिमा साहू, उमाशंकर राठौर, आभा सिंह, मिली सिंह, दिनेश पाण्डेय एवं पंकज राठौर ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए नेहरू लाल प्रधान को ज्ञानवान, समर्पित और प्रेरक शिक्षक बताया।
कार्यक्रम में प्रधान सर के परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे। अंत में संस्थान के सभी सदस्यों ने शाल-श्रीफल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उन्हें भावभीनी विदाई दी तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।







