“एफआईआर दर्ज, आरोपी बेफिक्र… आखिर किसका इंतजार कर रही है कोतवाली पुलिस?”
कानून के जानकारों का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद यदि आरोपी लगातार पुलिस की पहुंच से बाहर बने रहते हैं तो पुलिस को न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट, कुर्की की कार्रवाई या अन्य वैधानिक कदम उठाने चाहिए। लेकिन यहां अब तक ऐसी किसी प्रभावी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।

एनकेडी@जांजगीर-चांपा। शहर में दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कोतवाली पुलिस एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिन आरोपियों को पुलिस अब तक फरार बताती आ रही है, उनके खिलाफ आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। मामले में एफआईआर दर्ज हुए काफी समय बीत जाने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठने लगी हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी न तो भूमिगत हैं और न ही किसी अज्ञात स्थान पर छिपे हुए हैं। वे लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और शहर के विभिन्न इलाकों में भी देखे जा रहे हैं। इसके बावजूद पुलिस का उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
आरोप है कि कोतवाली पुलिस, प्रभावशाली और रसूखदार लोगों से जुड़े मामलों में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखा रही है। यही वजह है कि जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए थी, वे अब तक कागजों में ही सिमटे हुए नजर आ रहे हैं।
शहर में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि आरोपियों को गिरफ्तारी से बचने और न्यायालय से कानूनी राहत लेने का पर्याप्त समय मिल रहा है। यदि ऐसा नहीं है तो फिर पुलिस यह स्पष्ट क्यों नहीं कर रही कि आरोपियों की गिरफ्तारी में आखिर बाधा क्या है?
कानून के जानकारों का कहना है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद यदि आरोपी लगातार पुलिस की पहुंच से बाहर बने रहते हैं तो पुलिस को न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट, कुर्की की कार्रवाई या अन्य वैधानिक कदम उठाने चाहिए। लेकिन यहां अब तक ऐसी किसी प्रभावी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
जनता पूछ रही है ये सवाल
- जब आरोपी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो पुलिस उन्हें तलाश क्यों नहीं पा रही?
- क्या आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं?
- क्या प्रभावशाली लोगों के मामलों में पुलिस का रवैया अलग है?
- आखिर अब तक गिरफ्तारी नहीं होने के पीछे असली वजह क्या है?
सबकी नजर अब पुलिस के अगले कदम पर
मामले में अब लोगों की निगाहें कोतवाली पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है तो पुलिस की निष्पक्षता और कार्यक्षमता को लेकर उठ रहे सवाल और भी गहरे हो सकते हैं। कानून का भय तभी कायम रहेगा, जब कार्रवाई व्यक्ति की हैसियत देखकर नहीं बल्कि अपराध की गंभीरता देखकर की जाएगी।
नवीन कदम डिजिटल से चर्चा में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि, “मैंने कोतवाली थाना प्रभारी को निर्देशित कर दिया है कि जिन मामलों के आरोपी फरार हैं, उनकी शीघ्र अति शीघ्र गिरफ्तारी की जाए।” एसपी के इस बयान के बाद अब लोगों की निगाहें कोतवाली पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। देखना होगा कि जिन आरोपियों को अब तक फरार बताया जा रहा था, उनकी गिरफ्तारी कितनी जल्दी हो पाती है और पुलिस अपने ऊपर उठ रहे सवालों का जवाब कार्रवाई के जरिए दे पाती है या नहीं।
