श्री शिवरीनारायण मठ में विजयादशमी पर गद्दी महोत्सव संपन्न, श्रद्धालुओं और गणमान्य नागरिकों ने पहुंचकर लिया आशीर्वाद
गद्दी महोत्सव के अवसर पर मठ से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो मध्य नगरी चौक, मेला ग्राउंड होते हुए जनकपुर पहुंची और वहां से पुनः मठ मंदिर लौटी। शोभायात्रा का नगरवासियों ने जगह-जगह स्वागत किया।

राजेंद्र राठौर@शिवरीनारायण। विजयादशमी के पावन अवसर पर श्री शिवरीनारायण मठ में पारंपरिक श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक विधि-विधान के साथ गद्दी महोत्सव संपन्न हुआ। इस अवसर पर मठ में विधिवत पूजा-अर्चना, हवन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। महोत्सव में राजेश्री महन्त जी महाराज के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त, संत-महात्मा, गणमान्य नागरिक और विशिष्ट जन उपस्थित रहे।

गद्दी महोत्सव के अवसर पर मठ से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो मध्य नगरी चौक, मेला ग्राउंड होते हुए जनकपुर पहुंची और वहां से पुनः मठ मंदिर लौटी। शोभायात्रा का नगरवासियों ने जगह-जगह स्वागत किया। इस दौरान मठ मंदिर के कर्मचारियों ने गाजे-बाजे के साथ शौर्य प्रदर्शन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव और भक्तिमय वातावरण बना रहा।
हवन-पूजन संपन्न होने के पश्चात गद्दी स्थल की सात परिक्रमा कर राजेश्री महन्त महाराज गद्दी पर विराजित हुए। सर्वप्रथम त्यागी महाराज तथा उसके बाद श्रीमती रीना सुखराम दास ने पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से पूजन कर महाराज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। अंत में राजेश्री महन्त जी महाराज श्रद्धालुओं के साथ भगवान श्री शिवरीनारायण जी के दरबार में पहुंचे और विश्व कल्याण की कामना की।
वर्ष में दो बार होता है गद्दी महोत्सव
उल्लेखनीय है कि श्री शिवरीनारायण मठ में गद्दी महोत्सव का आयोजन वर्ष में दो बार किया जाता है। पहला आयोजन विजयादशमी के पावन अवसर पर तथा दूसरा माघ शुक्ल त्रयोदशी को संपन्न होता है। यह महोत्सव मठ की प्राचीन धार्मिक परंपराओं, आध्यात्मिक आस्था और गुरु-परंपरा के प्रति श्रद्धा का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
राजेश्री महन्त जी महाराज ने दिया धर्म और सेवा का संदेश
इस अवसर पर राजेश्री महन्त महाराज ने अपने संदेश में धर्म, आस्था, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं से धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ जीवन में सदाचार, सेवा और सद्भाव की भावना अपनाने का आह्वान किया।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक हुए शामिल
गद्दी महोत्सव में पंकज अग्रवाल, श्रीमती अग्रवाल, हेमंत दुबे, बृजेश की शेरवानी, वीरेंद्र तिवारी, निरंजन लाल अग्रवाल, पवन सुल्तानिया, नारायण खंडेलिया, राजेश शर्मा, राजू शर्मा, सुबोध शुक्ला, ओम प्रकाश सुल्तानिया, शत्रुघ्न शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, उदय राम केवट, ज्ञानेश शर्मा, रामचरण कर्ष, रामकृष्ण कश्यप, बृजभूषण द्विवेदी, भुवन दास वैष्णव, भरत दास वैष्णव, भोला दास वैष्णव, गजेंद्र वैष्णव, शिवकुमार साहू, पुरेन्द्र सोनी, खगेश वैष्णव, आदित्य जी तथा मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त, गणमान्य नागरिक और विशिष्ट जन उपस्थित रहे।
समूचा आयोजन धार्मिक श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। समाचार लिखे जाने तक मठ में राजेश्री महन्त जी महाराज से मिलने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धालुओं एवं शुभचिंतकों के पहुंचने का सिलसिला जारी था।




