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मड़वा में इस बार दहाड़ेगा ‘हाईटेक रावण’! 65 फीट के दैत्य का AI अवतार, आसमान से उड़ता तीर करेगा वध

आंखों के हाव-भाव से लेकर मुंह से निकलते धुएं तक, आधुनिक तकनीक से सजीव होगा रावण का रौद्र रूप; साइबर ठगी के खिलाफ भी देगा संदेश

राजेंद्र राठौर@जांजगीर-चांपा। इस दशहरे मड़वा कॉलोनी में बुराई के प्रतीक रावण का दहन सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि तकनीक, रोमांच और सामाजिक जागरूकता का अनूठा संगम बनने जा रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत संयंत्र (एबीवीटीपीएस), मड़वा में इस बार 65 फीट ऊंचा हाईटेक रावण तैयार किया जा रहा है, जो अपने रौद्र रूप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक और आसमान में उड़ते तीर से होने वाले वध के कारण दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। यहां दशहरे की शाम रावण दहन का नजारा पहले से कहीं अधिक रोमांचक और यादगार बनाने की तैयारी है।

👁️ आंखों में रौद्रता, चेहरे पर भाव और मुंह से निकलेगा धुआं

इस बार मड़वा का रावण केवल ऊंचाई में ही विशाल नहीं होगा, बल्कि तकनीक के मामले में भी खास नजर आएगा। दशहरा समिति के अनुसार, AI तकनीक और विशेष दृश्य प्रभावों की मदद से रावण के रौद्र रूप को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। उसकी आंखें लोगों को देखती हुई प्रतीत होंगी, चेहरे के हाव-भाव सजीव होने का अहसास कराएंगे और मुंह से निकलता धुआं उसके डरावने रूप को और भी प्रभावशाली बनाएगा।

पारंपरिक रावण दहन देखने के आदी दर्शकों के लिए यह अनुभव बिल्कुल अलग होगा। विशालकाय पुतले की तकनीकी प्रस्तुति और विशेष प्रभाव उत्सव में रोमांच का नया रंग भरेंगे।

🏹 आसमान में उड़ेगा श्रीराम का तीर, फिर होगा रावण का अंत

मड़वा के दशहरा उत्सव का सबसे रोमांचक पल होगा रावण वध। इस बार भगवान श्रीराम का तीर हवा में उड़ता हुआ दिखाई देगा और उसी के माध्यम से हाईटेक रावण का वध किया जाएगा। आधुनिक तकनीक और विशेष दृश्य प्रभावों से तैयार किया जा रहा यह दृश्य दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा।

रावण वध के साथ भव्य आतिशबाजी भी की जाएगी। आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए आतिशबाजी का संचालन रिमोट के माध्यम से करने की तैयारी है। यानी एक ओर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की विजय का संदेश होगा, तो दूसरी ओर रोशनी और आतिशबाजी से आसमान जगमगाएगा।

🛡️ इस बार रावण के दस सिरों के साथ निशाने पर होंगे साइबर ठग

मड़वा का हाईटेक रावण केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहेगा। इस बार उसके माध्यम से साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी के खिलाफ भी जागरूकता का संदेश दिया जाएगा। साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल माध्यमों से होने वाली धोखाधड़ी के प्रति लोगों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

आज के डिजिटल दौर में जहां मोबाइल और इंटरनेट ने जिंदगी आसान बनाई है, वहीं ऑनलाइन ठगी के मामले भी लोगों के लिए बड़ी चुनौती हैं। ऐसे में रावण दहन जैसे लोकप्रिय आयोजन को जनजागरूकता का माध्यम बनाना खास पहल है। प्रतीकात्मक रूप से इस बार रावण के साथ बुराई के उन नए रूपों पर भी प्रहार होगा, जो लोगों को तकनीक के जरिए अपना शिकार बनाते हैं।

🚩 भव्य श्रीराम झांकी बढ़ाएगी दशहरा उत्सव की शोभा

दशहरा उत्सव में भगवान श्रीराम की भव्य झांकी भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। धार्मिक आस्था, पारंपरिक उत्साह और आधुनिक तकनीक से सजे इस आयोजन में लोगों को संस्कृति और नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

🔍 मुख्य अभियंता ने किया निरीक्षण, तैयारियों को लेकर दिए निर्देश

आयोजन की तैयारियों के बीच मुख्य अभियंता रजनीश जांगड़े ने रावण निर्माण कार्य का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने उत्सव को भव्य, आकर्षक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

✨ मड़वा का दशहरा होगा तकनीक, परंपरा और जागरूकता का संगम

65 फीट का विशाल रावण, AI से सजीव होता रौद्र रूप, हवा में उड़ता श्रीराम का तीर, भव्य आतिशबाजी और साइबर सुरक्षा का संदेश—इस बार मड़वा कॉलोनी का दशहरा कई मायनों में खास होने जा रहा है। यहां रावण दहन केवल अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक नहीं होगा, बल्कि बदलते समय में तकनीक के सकारात्मक उपयोग और डिजिटल सतर्कता का संदेश भी देगा।

अब देखना दिलचस्प होगा कि मड़वा का यह हाईटेक रावण अपनी भव्यता और रोमांच से दर्शकों को कितना चकित करता है। इतना तय है कि इस बार रावण के दस सिरों के साथ लोगों की नजरें उसकी तकनीक और आसमान में उड़ते श्रीराम के तीर पर भी टिकी रहेंगी।

Rajendra Rathore

राजेंद्र राठौर विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनके परिवार में पत्रकारिता का कोई पारंपरिक इतिहास नहीं रहा, फिर भी उन्होंने इस क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की। उन्होंने वर्ष 2001 में दैनिक नवभारत में सर्वेयर के रूप में अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2017 में उन्होंने दैनिक नवीन कदम समाचार पत्र समूह में कार्यभार संभाला और तब से वे आज पर्यंत “स्थानीय संपादक” के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

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