यूट्यूब से सीखा इंस्टाग्राम, फिर रची डिजिटल अश्लीलता की साजिश… सांकेतिक भाषा में खुली ‘फर्जी आईडी’ की पूरी कहानी
महिला के नाम से बनाया फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट, फोटो एडिट कर अश्लील तस्वीरें कीं वायरल, श्रवण-बधिर आरोपी तक पुलिस ऐसे पहुंची

जांजगीर-चांपा। सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल किस तरह किसी की प्रतिष्ठा को तार-तार कर सकता है, इसका एक चौंकाने वाला मामला बलौदा थाना क्षेत्र में सामने आया है। महिला के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर उसकी तस्वीरों को एडिट कर अश्लील रूप में सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि आरोपी श्रवण-बधिर निकला और उसने पूछताछ के दौरान सांकेतिक भाषा में पूरी साजिश का खुलासा किया।
पुलिस के अनुसार, महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर उसकी तस्वीरों के साथ अश्लील छेड़छाड़ की और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। शिकायत मिलते ही बलौदा थाना पुलिस ने साइबर जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच गई।
जांच में गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुखसागर कुर्रे (24) निवासी हरदीविशाल, थाना बलौदा के रूप में हुई। पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी श्रवण-बधिर है। इसलिए पुलिस ने श्रवण-बधिर विशेषज्ञ की मदद ली। सांकेतिक भाषा में आरोपी ने बताया कि उसने यूट्यूब देखकर इंस्टाग्राम चलाना सीखा, फिर महिला के नाम से फर्जी अकाउंट बनाया, तस्वीरों को एडिट कर अश्लील बनाया और सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
‘साइबर अपराध में दिव्यांगता नहीं, अपराध मायने रखता है’
इस कार्रवाई ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि साइबर अपराध करने वाला व्यक्ति चाहे किसी भी परिस्थिति में हो, कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है। तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया।
पुलिस टीम की भूमिका
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिन्हा और एएसआई रामदुलार साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की फर्जी आईडी, आपत्तिजनक पोस्ट या ऑनलाइन उत्पीड़न की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।





