धर्म नगरी नैला में 22 अक्टूबर से सजेगा नवधा रामायण का दरबार, 34 वर्षों से चली आ रही परंपरा
31 अक्टूबर तक होगा आयोजन, मानस गायन मंडलियों को मिलेंगे कुल 32 हजार रुपये के पुरस्कार

राजेंद्र राठौर@जांजगीर। भक्ति, आस्था और रामनाम की गूंज से नैला की धरती एक बार फिर राममय होने जा रही है। श्री शिवशक्ति धर्म सेवा समिति, नैला के तत्वावधान में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री राम मंदिर, रेलवे स्टेशन नैला के सामने नवधा रामायण का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 22 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आयोजन में रामचरितमानस के आदर्शों, भक्ति संगीत और आध्यात्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम की आराधना का अवसर मिलेगा।

श्री शिवशक्ति धर्म सेवा समिति के संरक्षक एवं जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने बताया कि समिति द्वारा पिछले 34 वर्षों से लगातार नवधा रामायण का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी 22 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक श्री राम मंदिर परिसर में नवधा रामायण का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।
मानस गायन मंडलियों को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार
नवधा रामायण में शामिल होने वाली मानस गायन मंडलियों का उत्साहवर्धन करने के लिए समिति ने पुरस्कारों की व्यवस्था की है। इसके तहत प्रथम पुरस्कार 11,000 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 7,000 रुपये, तृतीय पुरस्कार 5,000 रुपये तथा चतुर्थ पुरस्कार 3,000 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा छह सांत्वना पुरस्कार भी दिए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक चयनित मंडली को 1,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।
इस तरह चार मुख्य पुरस्कारों के लिए 26,000 रुपये और सांत्वना पुरस्कारों के लिए 6,000 रुपये सहित कुल 32,000 रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। इस पहल का उद्देश्य मानस गायन की परंपरा को प्रोत्साहित करना और कलाकारों का उत्साह बढ़ाना है।
मानस प्रेमियों और श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील
विधायक एवं आयोजन समिति के संरक्षक ब्यास कश्यप ने क्षेत्र के समस्त मानस प्रेमियों, श्रद्धालुओं और मानस गायन मंडलियों से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नवधा रामायण जैसे धार्मिक आयोजन हमारी आस्था, संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ समाज में आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं।
दस दिनों तक चलने वाले इस आयोजन से नैला क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण निर्मित होगा। रामचरितमानस के प्रसंगों, भजनों और मानस गायन के माध्यम से श्रद्धालु भगवान श्रीराम के आदर्शों से जुड़ेंगे। श्री शिवशक्ति धर्म सेवा समिति का यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।




