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तालाब सौंदर्यीकरण के नाम पर भ्रष्टाचार का खेल: किरकार के बंधवा तालाब निर्माण में भारी अनियमितता का आरोप, राज्यपाल से की गई शिकायत

ग्राम पंचायत को न तो कार्य का प्राक्कलन उपलब्ध कराया गया और न ही निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड लगाया गया है, जिससे ग्रामीणों को यह तक जानकारी नहीं मिल पा रही कि कार्य की कुल लागत कितनी है और किस मद से निर्माण कराया जा रहा है।

एनकेडी@मालखरौदा। जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत किरकार में बंधवा तालाब के सौंदर्यीकरण और पिचिंग कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्राम पंचायत किरकार के सरपंच मुकेश कुमार भारते ने इस पूरे मामले की शिकायत सीधे छत्तीसगढ़ के राज्यपाल को भेजते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तालाब सौंदर्यीकरण कार्य में प्राक्कलन के अनुरूप काम नहीं किया जा रहा और निर्माण गुणवत्ता बेहद खराब है।

सरपंच द्वारा भेजे गए शिकायत पत्र में कहा गया है कि ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से निर्माण कार्य में मनमानी की जा रही है। ग्राम पंचायत को न तो कार्य का प्राक्कलन उपलब्ध कराया गया और न ही निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड लगाया गया है, जिससे ग्रामीणों को यह तक जानकारी नहीं मिल पा रही कि कार्य की कुल लागत कितनी है और किस मद से निर्माण कराया जा रहा है।

प्राक्कलन देने से कर दिया इनकार

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब पंचायत प्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य का एस्टीमेट मांगा तो ठेकेदार के मुंशी द्वारा कथित रूप से कहा गया कि आप लोगों का कोई अधिकार नहीं है। आरोप है कि संबंधित एसडीओ से भी जानकारी मांगी गई, लेकिन उन्होंने भी प्राक्कलन देने से इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि बार-बार फोन करने पर उन्हें धमकी भरे अंदाज में कहा गया कि जहां जाना है जाओ, हमारा कुछ नहीं कर सकते।

20-25 पेड़ उखाड़े जाने का आरोप

मामले में पर्यावरणीय नुकसान का मुद्दा भी उठाया गया है। शिकायत के अनुसार तालाब किनारे लगे अर्जुन, बबूल और पीपल सहित करीब 20 से 25 पेड़ों को जेसीबी से उखाड़कर फेंक दिया गया, जबकि पंचायत को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। इससे ग्राम पंचायत को भारी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है।

घटिया सामग्री से करवा रहे निर्माण

शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि टो-वॉल निर्माण में नींव की खुदाई पर्याप्त गहराई और चौड़ाई में नहीं की जा रही। साथ ही सीमेंट-कंक्रीट में गलत मिक्स रेशियो का उपयोग कर घटिया सामग्री से निर्माण कराया जा रहा है। पंचायत का कहना है कि इससे सरकारी राशि का दुरुपयोग होने के साथ भविष्य में निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर असर पड़ेगा।

कभी कार्यस्थल नहीं पहुंचा ठेकेदार

ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि स्वीकृत कार्य का ठेकेदार अब तक स्वयं कार्यस्थल पर नहीं पहुंचा है। फोन पर बात करने पर कथित रूप से वह पंचायत प्रतिनिधियों को अपमानजनक भाषा में जवाब देकर फोन काट देता है। शिकायत में इसे पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन बताया गया है।

मुख्यमंत्री को भी भेजी गई प्रतिलिपि

इस पूरे मामले की शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, सांसद एवं स्थानीय विधायक को भी भेजी गई है। पंचायत ने मांग की है कि बंधवा तालाब निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए ताकि ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।

कार्य को लेकर गांव में चर्चा का माहौल

तालाब सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर गांव में चर्चा का माहौल गर्म है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो सरकारी योजनाओं के नाम पर भ्रष्टाचार का यह खेल लगातार जारी रहेगा। पंचायत प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे जनआंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।

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