Welcome to नवीन कदम डिजिटल   Click to listen highlighted text! Welcome to नवीन कदम डिजिटल
छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपायुवालोकल न्यूज़

मेहनत को मिला सहारा, आटाचक्की से बदली चित्रलेखा की जिंदगी, सुशासन तिहार के तहत आयोजित शिविर ने दी सपनों को नई दिशा

जनपद पंचायत अकलतरा के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ने उनके सपनों को नई दिशा दी है

जांजगीर-चांपा। कभी परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहीं ग्राम तिलई की श्रीमती चित्रलेखा के जीवन में अब बदलाव की नई शुरुआत हुई है। जनपद पंचायत अकलतरा के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ने उनके सपनों को नई दिशा दी है। सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित शिविर में उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना के अंतर्गत आटाचक्की प्रदान की गई, जिससे अब वे आत्मनिर्भर बनने की राह पर आगे बढ़ चुकी हैं।

दरअसल, सीमित संसाधनों और रोजगार के अभाव के कारण श्रीमती चित्रलेखा लंबे समय से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए प्रयासरत थीं। घर की जिम्मेदारियों के बीच नियमित आय का कोई साधन नहीं होने से उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन, सुशासन तिहार उनके लिए केवल एक शिविर नहीं, बल्कि जीवन बदलने वाला अवसर साबित हुआ। जनसमस्या निवारण शिविर में जैसे ही उन्हें आटा चक्की मिली, उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और खुशी साफ झलकने लगी।

अब वे अपने गांव और आसपास के लोगों को अनाज पिसाई की सुविधा उपलब्ध कराएंगी। इससे उन्हें घर बैठे रोजगार मिलेगा और परिवार की आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी। गांव की महिलाएं भी इसे महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक पहल मान रही हैं। श्रीमती चित्रलेखा ने भावुक होकर कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी उनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अब वे अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार को बेहतर भविष्य देना चाहती हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!